मेयर सीमा साहा और डिप्टी मेयर राजेश वर्मा के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए निगम सभागार में बुधवार काे दाेपहर एक बजे से बैठक हाेगी। चर्चा के बाद मेयर और डिप्टी मेयर बहुमत साबित करेंगे। दूसरी ओर मेयर के पति जिप अध्यक्ष टुनटुन साह के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव गिर गया है। नए नियम के अनुसार, कार्यकाल के दाे साल के बाद केवल एक बार ही जिप अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जा सकता है, जाे 15 जनवरी, 2019 काे लाया जा चुका है।
देर रात तक चला बैठकाें का दाैर, दाेनाें पक्षाें का है दावा-उनके पास है पर्याप्त संख्या बल
बैठक से पहले दाेनाें पक्षाें के पार्षदाें ने मंगलवार काे अलग-अलग स्थानाें पर बैठक की। मेयर के घर पर डिप्टी मेयर राजेश वर्मा ने पार्षदाें काे बुलाकर रणनीति तय की, वहीं नगर विधायक अजीत शर्मा के घर पर भी देर रात तक बैठक का दाैर चलता रहा। यहां विपक्ष के पार्षदाें का जुटान हुआ। दाेनाें पक्षाें की ओर से दावे किए जा रहे हैं कि उनके पास पर्याप्त बहुमत हैं। ऐसे में अब 26 का जादुई आंकड़ा जाे लाएगा, उसके सिर मेयर-डिप्टी मेयर का ताज सजेगा। दाेनाें पक्षाें की ओर से टूर पर भेजे गए दाे दर्जन पार्षद भी देर शाम तक वापस शहर लाैट गए हैं। पूर्व डिप्टी मेयर प्रीति शेखर ने कहा है कि वह बैठक का बहिष्कार करेंगी।
10 कर्मियाें की लगी ड्यूटी, सभागार में पार्षद और कर्मचारी के अलावा किसी का प्रवेश नहीं
मेयर व डिप्टी मेयर की 14 माह बाद फिर परीक्षा हाेनी है। नगर निगम में बैठक के लिए तैयारी पूरी हाे गई है। इसके लिए 10 कर्मचारियाें की ड्यूटी लगाई गई है। मतदान के लिए दाे बैलेट बाॅक्स रखे गए हैं। सभागार में पार्षद व कर्मचारी के अलावा किसी का भी प्रवेश नहीं हाेगा। इस दाैरान विधि व्यवस्था भंग हाेने की संभावना काे देखते हुए सदर एसडीओ ने निगम कार्यालय के 100 मीटर की परिधि के तहत धारा 144 लागू किया है।
उन्हाेंने निर्देश जारी किया है कि किसी भी व्यक्ति, राजनीतिक दल, संगठन की ओर से किसी तरह की सभा, जुलूस, धरना-प्रदर्शन और लाउड स्पीकर का इस्तेमाल निगम कार्यालय के 100 मीटर परिधि के अंदर नहीं हाेगा। नशे की हालत में यहां काेई नहीं अाएगा। अनावश्यक जमघट लगाने, मटरगश्ती करने और हंगामा करने पर राेक रहेगी।
किसी व्यक्ति द्वारा उत्तेजनात्मक शब्दाें के प्रयाेग पर भी राेक रहेगी। साेशल मीडिया या एसएमएस या अन्य इलेक्ट्राेनिक्स माध्यम से पाेस्टर, पर्चा, फाेटाे, आलेख के आदान-प्रदान नहीं किए जाएंगे। शस्त्राें का प्रदर्शन नहीं किया जाएगा। आदेश का उल्लंघन हाेने और किसी भी प्रकार की इमजरेंसी व दुर्घटना हाेने पर संबंधित थानेदार जिम्मेदार हाेंगे।
आदेश का उल्लंघन करने वालाें के खिलाफ कार्रवाई हाेगी। नगर आयुक्त जे. प्रियदर्शिनी ने सभी कर्मचारियाें की ड्यूटी बांट दी है। सबकाे सुबह दस बजे ड्यूटी स्थल पर आने काे कहा है। उपनगर अायुक्त सत्येंद्र प्रसाद वर्मा, प्रफुल्ल चंद्र यादव, वरीय सहायक माेहम्मद रेहान अहमद, लेखापाल प्रभारी साैरभ सुमन, कंप्यूटर ऑपरेटर इजाजुल हक काे सभागार के अंदर ड्यूटी दी गयी है। इसके अलावा अन्य दरवाजाें पर भी कर्मचारियाें की ड्यूटी लगाई गई है।
जिला परिषद के अध्यक्ष के खिलाफ सिर्फ एक बार ही लाया जा सकता है अविश्वास प्रस्ताव, 15 जनवरी 2019 काे आ चुका है
बिहार पंचायती राज अधिनियम के 2015 में संशाेधित गजट के हिसाब से जिला परिषद अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के खिलाफ दाे वर्षाें की कार्यअवधि के भीतर अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाया जा सकता है। दाे साल के बाद केवल एक बार ही अविश्वास प्रस्ताव लाया जा सकता है। पहली बार 15 जनवरी, 2019 काे जिप अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जा चुका है।
ऐसी स्थिति में यह दाेबारा नहीं लाया जा सकता है। इस नियम का हवाला देकर डीडीसी सह जिला परिषद के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी ने मंगलवार काे उन सभी 7 सदस्याें काे पत्र भेजा है, जिन्हाेंने जिप अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का अावेदन दिया था। उन्हाेंने जिप सदस्य बीरबल कुमार, शिव कुमार, प्रीति कुमारी, विपिन कुमार मंडल, साेनी कुमारी, माला देवी और प्रेमलता देवी काे यह पत्र भेजा गया है।
डीडीसी ने बिहार पंचायती राज अधिनियम-2006 की धारा 70 की उपधारा चार खंड-दाे का उल्लेख भी किया है। सभी काे नियमावली की काॅपी भी भेजी है। सदस्याें ने पांच दिसंबर काे अविश्वास प्रस्ताव लाने का आवेदन दिया था। हालांकि विपिन मंडल ने एक दिन पहले ही कहा था कि उन्हाेंने जिप की बैठक बुलाने वाले आवेदन पर हस्ताक्षर किया था। अविश्वास प्रस्ताव लाने का उनका काेई इरादा नहीं है।
डीडीसी ने अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले सदस्याें काे भेजी नियमावली
आज डीडीसी से मिलेंगे विपक्षी जिप सदस्य
डीडीसी के पत्र के बाद चार दिन पहले जिला परिषद में अध्यक्ष काे लेकर तेज हुई सियासत अब ठंडी पड़ती नजर आ रही है। हालांकि जिन साताें सदस्याें ने अविश्वास प्रस्ताव काे लेकर आवेदन दिया था, उनमें से कुछ सदस्याें ने बताया कि वे लाेग बुधवार काे डीडीसी से मिलेंगे और इस संदर्भ में नियम काे लेकर विमर्श करेंगे। इसके बाद ही इस दिशा में आगे की पहल करेंगे। जिला परिषद अध्यक्ष के खिलाफ आंदाेलन हर हाल में तेज करेंगे।
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