बिहार राज्य आवास बोर्ड के नाम जमीन का दाखिल-खारिज होने के बाद ही फ्री होल्ड होने वाले लोगों के नाम जमीन का दाखिल-खारिज होगा। जिला प्रशासन ने आवास बोर्ड से फ्री होल्ड कराकर जमीन का दाखिल-खारिज करने के लिए आवेदन देने वाले लोगों के आवेदन पर रोक लगा दी है।
इस संबंध में जिला प्रशासन और आवास बोर्ड के बीच पहली बैठक हो चुकी है। आने वाले समय में होने वाली एक-दो बैठक में अंतिम निर्णय लिए जाने की संभावना है। आवास बोर्ड से फ्री होल्ड कराने के बाद लोगों ने अंचल कार्यालय में दाखिल-खारिज करने के लिए आवेदन दिया है। लेकिन, मामला लंबित है।
पहला पेच: आवास बोर्ड ने जमीन अधिग्रहण कर लिया है। लेकिन, ज्यादातर जमीन का दाखिल खारिज यानी रजिस्टर-2 में नाम रैयत जमीन मालिक के नाम से ही है। इसका लगान वर्षों से बकाया है। ऐसे में सबसे बड़ा पेच यह है कि बकाया लगान कौन देगा? वर्ष 2020 में जमीन के आवंटियाें को आवास बोर्ड ने अपना निर्धारित शुल्क लेकर फ्री होल्ड कर दिया। फ्री होल्ड किए जाने वाले जमीन के मालिक वर्ष 2020 से ही अपना लगान देंगे।
दूसरा पेच: आवास बोर्ड द्वारा जिन जमीन का अधिग्रहण किया गया है, उसमें कुछ बेलगानी, कुछ गैरमजरूआ, कुछ जलस्रोत की जमीन के साथ कुछ निजी जमीन है। जब आवास बोर्ड के आवंटी जमीन काे फ्री होल्ड कराने के बाद दाखिल-खारिज के लिए कागज लेकर जाते हैं तो खतियान की जांच करने के दौरान जमीन बेलगानी, गैरमजरूआ, जलस्रोत, पुराने रैयत के नाम से मिल रहा है। ऐसे में दाखिल-खारिज नहीं हो रहा है।
आवास बोर्ड के साथ पत्राचार, गड़बड़ी राेकने के लिए निर्णय
डीएम कुमार रवि ने कहा आवास बोर्ड के साथ जमीन का दाखिल-खारिज कराने के लिए पत्राचार किया गया है। आवास बोर्ड के नाम से दाखिल-खारिज होने के बाद आवास बोर्ड से किसी व्यक्ति विशेष का फ्री होल्ड होने पर उसके नाम से दाखिल-खारिज किया जाएगा। ऐसे में गलत होने की संभावना नहीं रहेगी।
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