मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि हमें क्राइम, करप्शन, कम्युनलिज्म बर्दाश्त नहीं है। इससे कभी समझौता नहीं किया। मैं वोट की चिंता नहीं करता। जनता की सेवा, मेरा धर्म है और मैं बजाय प्रचार के सेवा धर्म को अपने काम से निभाता रहता हूं। जिसको जो भी बोलना है, बोले। मैं परवाह नहीं करता।
उन्होंने इशारों में लालू परिवार पर जमकर हमला बोला। कहा-इन्होंने सिर्फ अपनी खातिर राज किया। कुछ भी किया क्या? अब भी आदत छूटी नहीं है। बिना जानकारी के कुछ का कुछ बोलता रहता है। ट्वीट करता है। हद तो यह कि ये बेतुकी बातें फ्लैश भी हो जाती हैं। कोई बात नहीं। लोकतंत्र में जनता मालिक है। सबकुछ देखते-जानते हुए वही फैसला देगी। हम सेवा करने वाले लोग हैं। करते रहेंगे। विकास, प्रेम, भाईचारा हमारा यही मकसद है। लोगों को लड़ाने में हमारी दिलचस्पी नहीं है। कुछ लोग तो खुलेआम यह काम करते हैं।
जेल से बयान (लालू प्रसाद का ट्वीट) आया है। मुझको, मेरी सरकार को बिहार पर भार बताया गया है। हद है। अरे, आपको (लालू) भी तो मौका मिला था। क्यों कुछ भी नहीं किया? काम हम कर रहे हैं। काम करने वाला भार की परवाह नहीं करता। बोलते रहिए।
आप अंदर हैं, इसलिए कम से कम लोगों को मुक्ति तो मिली हुई है। वह सोमवार को जदयू की वर्चुअल रैली ‘निश्चय संवाद’ को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विस्तार से राजद के 15 साल और अपनी सरकार के 15 साल का फर्क बताया। हर क्षेत्र में। हर मोर्चे पर।
वे अभूतपूर्व सीएम थे, आज भी जेल में हैं
ऊर्जा मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने लालू का नाम लिए बिना कहा कि वे अभूतपूर्व भूतपूर्व सीएम हैं, जो पद पर रहते जेल गए और आज भी वहीं हैं। वे जेल पर भी भार हैं। ...एक जगह विपक्ष का नेता 9वीं फेल है और दूसरी जगह बिना पढ़ा लिखा। उन्होंने कहा यदि नीतीश कुमार भार हैं तो क्या वह अतिथि? हां, अतिथि कहना ठीक ही है, क्योंकि दूसरे राज्य के मेहमान हैं।
संकल्प लें, नीतीश को फिर सत्ता सौंपें
सांसद राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने अपील की कि विकास के बचे काम को पूरा करने के लिए नीतीश कुमार के हाथों में सत्ता सौंपने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि अब बिहार में कानून का राज है और गाड़ी से राइफल की नाल निकालकर कोई नहीं चल सकता। बिहार के 18 से 25 वर्ष के युवाओं को यह जानना चाहिए कि पहले बिहार में कैसा राज था।
सीएम के चलते हटा सुशांत केस से पर्दा
जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री सुशांत सिंह राजपूत के परिवार को न्याय दिलाने के लिए सही समय पर सामने नहीं आते तो सच पर पर्दा पड़ा रहता। उन्होंने वर्चुअल रैली पर कहा कि यह कोरोना काल की जरूरत है। यह बताने की जरूरत नहीं कि जनता के बीच जाकर सीधा संवाद करना, मुख्यमंत्री के स्वभाव में है।
सीएम जैसा दलितों का हितैषी कोई नहीं
भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दलितों के उत्थान के लिए जितना काम किया है, उतना किसी ने नहीं किया। इसके पहले भी कई दलों को मौका मिला, लेकिन शोषित और दलितों के लिए किसी ने काम नहीं किया। कहा- जो युवा पहली बार वोट देंगे, उन्हें पता होना चाहिए कि किस परिस्थिति में नीतीश को सत्ता मिली थी।
लाेगाें के साथ बैठ रैली जैसा करते रहे फील
अनीसाबाद गोलंबर के पास पूर्व विधान पार्षद डाॅ. रणवीर नंदन के आवास पर लगे बड़े पर्दे पर वर्चुअल रैली को देख रहे लोगों ने कहा साथ बैठकर भाषण देखकर रैली जैसा फील ले रहे हैं।
सूना रहा गांधी मैदान, चौक-चौराहों पर भीड़
गांधी मैदान सूना था, जदयू के निश्चय संवाद का लोग एसके मेमोरियल हॉल के बाहर लगे स्क्रीन पर आसपास के वेंडर्स से लेकर आने-जाने वाले लोग संवाद का अपडेट लेते रहे।
बारिश से बचकर सीएम का भाषण सुनते रहे लोग
सगुना मोड़ पर बड़ा एलईडी स्क्रीन लगा था। जदयू कार्यकारिणी सदस्य छोटू सिंह और युवा जदयू राष्ट्रीय सचिव सुबोध यादव के साथ 100 से अधिक लोगों ने भाषण सुना।
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