18 सितंबर से शुरू हो रहे अधिक मास में भक्ति के साथ-साथ वैभव बढ़ाने के भी कई शुभ योग हैं। पूरे महीने में कई शुभ योग और मुहूर्त ऐसे बन रहे हैं, जब कोई खरीदी या विशेष कार्य किए जा सकते हैं।
ज्योतिषाचार्य डॉ. अजय भांबी के मुताबिक अधिक मास में खरीदारी आदि की मनाही नहीं है। केवल प्रॉपर्टी के समय कागजी कार्यवाही पूरी रहे। शेष किसी भी तरह की खरीदारी आदि में अधिक मास में रोक नहीं है। ज्वेलरी, कपड़े, इलेक्ट्रानिक्स आदि सभी खरीदे जा सकते हैं। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के मुताबिक अधिक मास में विवाह, यज्ञोपवित, सकाम यज्ञ, देव प्रष्ठिादि शुभ कर्म निषेध किया है। लेकिन, किसी आवश्यक आधुनिक सुख सुविधा के सामान को बुकिंग करने संबंधी निषेध का कोई उल्लेख नहीं किया गया है।
इस मास में विवाह तय करना, सगाई करना, कोई जमीन, मकान, भूमि, भवन आदि को खरीदने के लिए अनुबंध किया जा सकता है। किसी धार्मिक यात्रा एवं अन्य आवश्यक यात्रा पर भी जा सकते हैं। व्यापार के लिए भविष्य का कोई सौदा करना हो तो वह भी कर सकते हैं।
किस तरह की खरीदारी के लिए कौन-सा शुभ दिन
- ध्रुव स्थिर मुहूर्त-18, 26 सितंबर, 7, 15 अक्टूबर और सभी रविवार को एजुकेशन संबंधी खरीदारी या इंवेस्टमेंट, सगाई-रोका से जुड़े काम और नए कपड़े या ज्वेलरी का निर्माण। शपथ ग्रहण एवं पदभार ग्रहण के लिए ये दिन शुभ रहेंगे।
- चर-चल मुहूर्त- 20, 27, 28, 29 सितंबर, 10 अक्टूबर और महीने के सारे सोमवार को कार, बाइक सहित अन्य वाहन खरीदने या बुक करने के लिए शुभ हैं।
- उग्र क्रूर मुहूर्त- 25, 30 सितंबर, 5, 13, 14 अक्टूबर और सारे मंगलवारों को शस्त्र खरीदने की बुकिंग की जा सकती है।
- मिश्र-साधारण मुहूर्त- 21 सितंबर, 6 अक्टूबर एवं सभी बुधवारों को मांगलिक कार्य हेतु गार्डन, धर्मशाला की बुकिंग एवं नए व्यापारिक सौदे किए जा सकते हैं।
- क्षिप्र लघु मुहूर्त-19 सितंबर, 4, 11 अक्टूबर एवं समस्त गुरुवार को वाहन खरीदने की बुकिंग की जा सकती है।
खरीदारी के लिए अधिक मास में आने वाले शुभ योग
सर्वार्थसिद्धि योग- ये योग सारी मनोकामनाएं पूर्ण करने वाला और हर काम में सफलता देने वाला होता है। अधिक मास में 9 दिन ये 26 सितंबर एवं 1, 4, 6, 7, 9, 11, 17 अक्टूबर 2020 को ये योग रहेगा।
द्विपुष्कर योग- द्विपुष्कर योग ज्योतिष में बहुत खास माना जाता है। इस योग में किए गए किसी भी काम का दोगुना फल मिलता है, ऐसी मान्यता है। 19 एवं 27 सितंबर को द्विपुष्कर योग रहेगा।
अमृतसिद्धि योग- अमृतसिद्धि योग के बारे में ज्योतिष ग्रंथों की मान्यता है कि इस योग में किए गए कामों का शुभ फल दीर्घकालीन होता है। 2 अक्टूबर 2020 को अमृत सिद्धि योग रहेगा।
पुष्य नक्षत्र- अधिक मास में दो दिन पुष्य नक्षत्र भी पड़ रहा है। 10 अक्टूबर को रवि पुष्य और 11 अक्टूबर को सोम पुष्य नक्षत्र रहेगा। यह ऐसी तारीखें होंगी जब कोई भी आवश्यक शुभ काम किया जा सकता है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3283FTV

0 Comments
Please do not enter any spam link in the comment box