एनआईए ने पूर्णिया में बरामद हथियारों के मामले में मंगलवार को बेली रोड पर नहर के पास स्थित कुसुमपुरम इलाके में एमएस सनमैरियो फार्मास्युटिकल प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक चंद्र विजय प्रताप उर्फ सुशील के ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान एनआईए को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं। एनआईए के अनुसार चंद्र विजय प्रताप ने नागालैंड के आतंकी संगठन एनएससीएन (आईएम) के स्वयंभू मेजर निंगखान संगतम निंगखान संगतम के खाते में मोटी रकम ट्रांसफर की थी।
पूर्णिया में दो अंडर बैरल ग्रेनेड लांचर, एक एके-47 और 1800 गोलियां बरामद हुई थीं
एनआईए के अनुसार पूर्णिया पुलिस ने 7 फरवरी को एक एसयूवी गाड़ी से प्रतिबंधित अत्याधुनिक हथियार बरामद किया था। जांच के दौरान पुलिस ने दो अंडर बैरल ग्रेनेड लांचर, एक एके-47 राइफल और 5.56 एमएम की 1800 गोलियां बरामद की थीं। इस मामले में गाड़ी में सवार तीन लोगों सूरज प्रसाद, वरेंगनो कहोरनगम और क्लियरसन काबो को गिरफ्तार किया गया था।
पूर्णिया पुलिस ने इस मामले में वायसी पुलिस स्टेशन में तीनों अभियुक्तों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। बाद में इस मामले में एनआईए ने 28 फरवरी, 2019 को दोबारा प्राथमिकी दर्ज की। जांच के दौरान एनआईए ने चार लोगों त्रिपुरारी सिंह, मुकेश सिंह, निंगखान संगतम और संतोष सिंह को गिरफ्तार किया। साथ ही इस मामले में चार्जशीट भी फाइल की।
लेनदेन के दस्तावेज बरामद
जांच में यह सामने आया कि एनएससीएन (आईएम) के संगतम ने बिहार के एक आर्म्स डीलर के माध्यम से नक्सली संगठन तृतीय प्रस्तुती कमेटी के जोनल कमांडर भीखान गंजू को भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार और गोलियों की सप्लाई की थी। गंजू अभी फरार है। एनआईए के अनुसार इस मामले में संदिग्ध चंद्र विजय प्रताप ने अभियुक्त संगतम के खाते में मोटी रकम ट्रांसफर की थी। छापेमारी के दौरान कई दस्तावेज और पैसों के लेन-देन से जुड़े कागजात मिले हैं।
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