सीएम के उद्घाटन करने के सवा तीन महीने बाद निगम ने मंगलवार से कचरे से खाद बनाने का काम शुरू कर दिया। भूतनाथ मंदिर के पास बने प्लांट में हरी सब्जियाें से निकला कचरा रखा जा रहा है। खाद बनाने की जिम्मेदारी नगर अायुक्त ने सिटी मैनेजर रवीश चंद्र वर्मा काे दी है। लेकिन उन्हें इसके लिए ट्रेनिंग नहीं दी गयी है। उन्हें यह पता नहीं है कि इससे खाद कैसे और कितने दिन में बनेगी। उन्हाेंने बताया कि अभी कचरे काे स्टाेर कर रहे हैं। बाकी काम एक्सपर्ट करेंगे। उप नगर आयुक्त सत्येंद्र प्रसाद वर्मा ने बताया कि सिटी मैनेजर काे एक्सपर्ट से ट्रेनिंग भी दिलवायी जाएगी।
ऐसे बनती है खाद
साइंटिस्ट डाॅ. एके झा ने बताया कि एक ट्रैक्टर में 16 टन मैटेरियल आता है। इससे साढ़े सात क्विंटल वर्मी कंपाेस्ट तैयार हाे सकता है। प्रति टन एक हजार पीस केंचुअा खाद बनाने के लिए डाले जाते हैं। टैंक में मैटेरियल डालकर सिंचाई कर उसे ठंडा किया जाता है। जिसमें 40 प्रतिशत पत्ता व ग्रीन वेजिटेबल, 60 प्रतिशत गाेबर हाेता है। इसे मिलाने के बाद केंचुआ डालते हैं, जिसमें 21 दिन के अंदर घास उगने लगते हैं और उपरी सतह पर खाद बनने लगती है।
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