नए कृषि कानून के विरोध में आहूत भारत बंद का भागलपुर में असर दिखा। महागठबंधन में शामिल घटक दलों और जाप आदि ने शहरी क्षेत्र में घूम-घूम कर बाजार बंद कराए। कुहासे के बावजूद सुबह 9 बजे से ही कई दलों के लोग जुलूस निकालते हुए अलग-अलग सड़कों पर घूमते रहे और मुख्य रूप से स्टेशन चौक पर प्रदर्शन किया।
महागठबंधन के पांचों घटक दल राजद, कांग्रेस, भाकपा-माले, भाकपा, माकपा सहित अन्य कई संगठनों ने बंद में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यकर्ता कभी अलग-अलग तो कहीं साथ होकर दुकानें बंद कराते दिखे। मुख्य रूप से सभी का ध्यान बाजार को बंद कराने पर रहा।
खलीफाबाग चौक पर भी इन लोगों ने बैरिकेडिंग कर दी थी ताकि गाड़ियों की आवाजाही ना हो सके। मुख्य बाजार के दुकानदारों ने सुबह से ही तोड़फोड़ के डर से दुकानें नहीं खोली। हालांकि किसी भी पार्टी के समर्थकों ने कहीं तोड़फोड़ नहीं की। शहर में जुलूस निकाला और व्यापारियों से दुकानें बंद रखने की अपील की। नाथनगर के राजद विधायक अली अशरफ सिद्दीकी भी कार्यकर्ताओं के साथ बंद में शामिल हुए।
झाड़ू देने और आरती दिखाने के बाद दुकानदारों ने गिराए शटर
इधर, बंद की वजह से सिल्क सिटी की सभी दुकानें बंद रही। इसे व्यापारियों के साथ-साथ आम लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हाड़ियापट्टी, लोहा पट्टी, फरियापट्टी आदि बाजार मात्र 15 मिनट के लिए खुली। झाड़ू देने और आरती के बाद दुकानों के शटर फिर गिर गए। चैंबर ऑफ कॉमर्स में पीआरओ अभिषेक जैन ने बताया कि अनुमानतः 50 करोड़ का कारोबार को इस बंदी ने प्रभावित किया है।
ब्रांच और एटीएम को नुकसान नहीं
बंदी का बैंकों में असर रहा। ब्रांच तो खुले लेकिन मेन गेट बंद रखा। कस्टमर के आने के बाद ही गेट खोला गया। 80 फीसद कम ग्राहक ब्रांच पहुंचे। बैंक अधिकारी संगठन आईबॉक ने करीब 100 करोड़ के कारोबार प्रभावित होने का अनुमान लगाया है। महासचिव प्रशांत कुमार मिश्रा ने बताया कि कहीं भी ब्रांच या एटीएम सेवा को प्रभावित करने की सूचना नहीं है।
बस सेवा शाम में हुई सुचारू, सीटें रहीं खाली
बस संचालकों ने सेवाएं बंद रखी। तिलकामांझी बस स्टैंड, जीरोमाइल चौक, डिक्सन बस स्टैंड, नाथनगर स्टैंड आदि से तीन बजे तक एक भी बस नहीं खुली। शाम 4 बजे के बाद ही सेवाएं बहाल हुईं। शाम को बेगूसराय, पूर्णिया, सहरसा, कटिहार, बांका के लिए खुली बसों में सीटें खाली ही रही। बस ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष लालबाबू ने बताया कि रोज 150 बसें चलती थी, मंगलवार को 10-15 ही चलीं।
बंद के कारण कम मरीज अस्पताल पहुंचे
जिले के दाेनाें सरकारी अस्पतालाें में मरीजाें की संख्या कम रही। सदर की अाेपीडी में डेढ़ साै मरीजाें का इलाज हुअा। एक दिन पहले यहां 355 मरीज आए थे। वहीं मायागंज के अाेपीडी में 520 मरीजाें ने रजिस्ट्रेशन कराया। जबकि सोमवार को 11 साै रजिस्ट्रेशन हुए थे। एंबुलेंस भी दाेपहर 12 बजे तक खड़ी रही। दाेपहर बाद सामान्य ताैर पर एंबुलेंस का परिचालन हाे सका।
रेल परिसर में गश्त करती रही पुलिस
बंद समर्थक रेल की संपत्तियों को नुकसान ना पहुंचाने पाए, इसके लिए आरपीएफ और जीआरपी ने कमर कस ली थी। इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह, जीआरपी इंचार्ज अरविंद कुमार खुद प्लेटफॉर्म से लेकर सर्कुलेटिंग एरिया में गश्ती करते रहे। तातारपुर रेलवे फाटक के पास भी पुलिस की तैनाती की गई। डीआरएम यतेंद्र कुमार ने बताया कि आंदोलनकारियों द्वारा 9 जगहों पर ट्रेनें रोकने की योजना थी, लेकिन वे सफल नहीं हुए।
कांग्रेसियों ने निकाला प्रतिरोध मार्च
नए कृषि कानून के विरोध में कांग्रेस, राजद, माकपा, भाकपा, भाकपा माले, अखिल भारतीय किसान महासभा, सीटू, एक्टू आदि ने प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी ने स्टेशन चौक से प्रतिरोध मार्च निकाला गया। कार्यकर्ताओं ने दमनकारी कानूनों को वापस करने की मांग को लेकर धरना किया। नेतृत्व जिला कमेटी के अध्यक्ष परवेज जमाल ने किया।
उधर, जिला राष्ट्रीय जनता दल के जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर प्रसाद यादव के नेतृत्व में महागठबंधन के माकपा, भाकपा, भाकपा माले, अखिल भारतीय किसान महासभा, सीटू, एक्टू एवं विभिन्न किसान संगठनों के साथ स्टेशन चौक से वेरायटी चौक तक मार्च किया गया। मौके पर विधायक अली अशरफ सिद्दीकी, विश्वजीत, सलाहउद्दीन, चक्रपाणि हिमांशु समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे।
नाथनगर प्रखंड कार्यालय को कराया गया बंद
नाथनगर के राजद प्रखंड अध्यक्ष छत्रधारी मंडल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने प्रखंड व अंचल कार्यालय को बंद कराया। उधर, भाकपा-माले व इससे जुड़े मजदूर संगठन, ऐक्टू व किसान संगठन एआईकेएम के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। नेतृत्व भाकपा-माले के राज्य कमिटी सदस्य एसके शर्मा, ऐक्टू के जिला संयुक्त सचिव अमर कुमार, ई-रिक्सा चालक यूनियन (ऐक्टू) के सचिव अजहर कलीम आदि ने किया। एसयूसीआई कम्युनिष्ट, एआईकेकेएमएस एवं ऑल इंडिया डीएसओ द्वारा दुकानदारों को बंद में सहयोग करने को कहा। बहुजन व गई छात्र संगठनों ने भी बंद का समर्थन किया।
आंदाेलन काे जनता ने नकारा : भाजपा
नए कृषि कानून के विरोध में भारत बंद को देश की जनता के अलावा किसान व व्यावसायियों ने नकार दिया है। भाजपा के जिला उपाध्यक्ष राेशन सिंह ने कहा है कि असली किसान को अभी खेती से फुर्सत नहीं है। उनके नाम पर दर्जनों राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता सड़क पर उतरकर साजिश के तहत सरकार के खिलाफ नफरत फैला रहे हैं। इसलिए ऐसे साजिश को भागलपुर के किसानों ने नकार दिया है। जिसके लिए यहां के समझदार लोगों और किसानों को हृदय से भाजपा आभार व्यक्त करती है।
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