कृषि कानून के खिलाफ किसान संगठनों और विपक्षी राजनीतिक दलों के भारत बंद के दौरान मुसरीघरारी चौक पर सोमवार को वाहन में ही एक बच्ची की मौत हो गई। वाहन में सवार बीमार बच्ची के परिजनों के आग्रह को आंदोलनकारियों ने अनसुना कर दिया। मृतका की पहचान पटोरी थाने के हवासपुर निवासी सिकंदर मांझी की डेढ़ साल की बेटी सनाया के रूप में की गई।
परिजनों के अनुसार उक्त बच्ची की घर पर अचानक तबीयत खराब हो गई थी। आनन-फानन में उसे पटोरी के अनुमंडल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए समस्तीपुर सदर अस्पताल रेफर कर दिया। सरकारी एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण बीमार बच्ची के परिजन एक बोलेरो से उसे समस्तीपुर लेकर जा रहे थे। लेकिन मुसरीघरारी चौराहे पर सड़क जाम था।
बच्ची को पटोरी के हवासपुर से सदर अस्पताल ले जा रहे थे
परिजनों ने आरोप लगाया कि आंदोलनकारियों से जब बताया कि बच्ची काफी बीमार है, उसे अस्पताल जाने दिया जाए। लेकिन जाम कर रहे लोगों ने उनकी एक भी नहीं सुनी। वाहन घंटों जाम में फंसा रहा। परिजनों ने बताया कि अगर समय रहते इलाज होता तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। बच्ची की मौत के बाद उसके परिजन रोते बिलखते शव के साथ वापस लौट गए। इस संबंध में पूछे जाने पर मुसरीघरारी थानाध्यक्ष विशाल कुमार सिंह ने बताया कि इस घटना की कोई जानकारी नहीं है।
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