खगड़िया की बंदेहरा पंचायत के पूर्व मुखिया व जदयू के जिला महासचिव राजेश कुमार रमन उर्फ पप्पू भगत की हत्या मामले में पुलिस ने हिरासत में लिए गए पीरपैंती के खवासपुर के कहलगांव टाेला के प्रेम रंजन यादव और पीरपैंती के मधुवन टाेला के गाड़ी के ड्राइवर कैलाश यादव को गिरफ्तार कर लिया है। प्रेम रंजन जन वितरण प्रणाली का डीलर है और वारदात के आरोपी टिंकू यादव, कौशल यादव और बबलेश यादव (तीनों पिता रविंद्र यादव) का सगा बहनोई है।
एसएसपी आशीष भारती ने बताया कि वारदात से पहले कौशल यादव अपने भाई बबलेश यादव और शूटरों के साथ बहनोई प्रेमरंजन के खवासपुर स्थित घर पहुंचे थे। रातभर बहनोई के घर पर सभी रुके और वहीं पूरी हत्या की साजिश रची थी। दूसरे दिन भागलपुर के लिए निकल गए और वारदात को अंजाम देकर एसयूवी से पुन: बहनोई के यहां पहुंच गए।
इसके बाद ड्राइवर कैलाश को लेकर पूजा करने की बात कहकर देवघर निकल गए। देवघर से डेढ़ किमी पहले कैलाश और बबलेश को भनक लग गई कि पुलिस उनके पीछे लगी है। इस कारण पेट्रोल पंप के पास गाड़ी रुकवा कर उसमें तेल भरवाने के लिए ड्राइवर से कहा अाैर दोनों भाई चाय पीने के बहाने भाग निकले। पंप के पास ड्राइवर गाड़ी लेकर दोनों भाई का इंतजार करता रहा।
इस दौरान पुलिस ने आकर एसयूवी को जब्त कर लिया और ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया। ड्राइवर ने पूछताछ में दोनों भाइयों की पूरी कहानी का खुलासा कर दिया। इसके बाद कौशल और बबलेश के बहनोई डीलर प्रेम रंजन यादव के घर पुलिस ने छापेमारी कर गिरफ्तार कर लिया।
एसएसपी ने बताया कि प्रेम रंजन और ड्राइवर कैलाश ने आरोपियों को पनाह दी और उन्हें भागने में मदद की। बता दें कि शुक्रवार शाम सवा पांच बजे अपराधियों ने भीखनपुर में पुरानी रंजिश में पप्पू भगत की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
एक शूटर मुंगेर के जानकीनगर हरदिया गांव निवासी रतन कुमार साह भी अपने साथी के गोली से मारा गया था और एक जख्मी हो गया था। जख्मी शूटर को साथी लेकर भाग गए थे। सीसीटीवी फुटेज में चार शूटरों की गतिविधि कैद हुई है।
देवघर के रास्ते में पुलिस ने किया था पीछा तो ड्राइवर को छोड़कर फरार हो गए थे आरोपी
पुलिस से बचने के लिए एसयूवी में एनएचएआई का पर्चा साटा
वारदात के बाद भागने के लिए आरोपियों ने अपनी एसयूवी गाड़ी में एनएचएआई का पर्चा साट दिया, ताकि पुलिस या टाेल प्लाजा में गाड़ी को रोका नहीं जाए। उक्त गाड़ी बबलेश और कौशल के भाई की बताई जाती है।
दुश्मनी की जानकारी थी, लेकिन हत्या का पता नहीं था : बहनोई
आरोपी कौशल और बबलेश के गिरफ्तार बहनोई डीलर प्रेम रंजन यादव ने कहा कि पप्पू मुखिया से साले की दुश्मनी की जानकारी थी। लेकिन हत्या के इरादे से सारे लोग मेरे घर आए थे, इस बात की जानकारी नहीं थी। अगर जानकारी होती तो कभी उनकी मदद नहीं करता।
पुलिस ने फरार टिंकू से बहनोई की कराई बात, सरेंडर करने को कहा
गिरफ्तारी के बाद प्रेम रंजन ने पुलिस की मौजूदगी में अपने साला टिंकू से मोबाइल पर बात की और सरेंडर करने को कहा। लेकिन टिंकू ने फोन काट दिया। जब टिंकू या उसके किसी भाई ने सरेंडर नहीं किया तो पुलिस ने उनके बहनोई को केस में अप्राथमिकी आरोपी बना कर जेल भेज दिया।
देवघर से भागकर बेगूसराय पहुंच गए थे दोनों आरोपी भाई
उधर, पुलिस को जांच में पता चला है कि देवघर पहुंच कर दोनों भाई कौशल और बबलेश पुलिस से बचने के लिए बेगूसराय भाग गए। दोनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने बेगूसराय पुलिस से भी संपर्क किया है। गिरफ्तार आरोपियों से दिन भर इशाकचक थाने में सिटी एएसपी पूरन झा और एसआईटी के अन्य सदस्यों ने पूछताछ की।
9 नामजद और फरार 4 शूटरों में किसी की गिरफ्तारी नहीं
पूर्व मुखिया के साला व वारदात के चश्मदीद आदित्य कुमार ने आवेदन पर खगड़िया राजद के पूर्व जिलाध्यक्ष संजीव यादव, टिंकू यादव, बबलेश यादव, कौशल यादव, चंद्रदेव यादव, गांधी यादव, बीरबल यादव (सभी बंदेहरा, खगड़िया), अमर यादव (शिशवा, गोगरी, खगड़िया), निरंजन यादव (तेहाय, पसराहा, खगड़िया) के खिलाफ इशाकचक थाने में केस दर्ज कराया गया था।
इसके अलावा सीसीटीवी कैमरे के फुटेज से 4 अन्य शूटरों की भी पहचान हुई थी। लेकिन अब तक इन लोगों में किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। 28 नवंबर 2019 को पूर्व मुखिया पर बंदेहरा बाजार में हुई गोलीबारी में भी ज्यादातर उक्त आरोपियों पर ही केस किया गया था।
मारे गए शूटर के सहयोगी की हुई पहचान, वह भी मुंगेर का
पुलिस ने मारे गए शूटर का हथियार, गोली और मोबाइल बरामद किया था। जांच में पुलिस ने दूसरे शूटर की भी पहचान कर ली है, जिसका नाम राजेश बताया जाता है। वह भी मुंगेर का रहने वाला है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3gt2wM0

0 Comments
Please do not enter any spam link in the comment box