बिहार ने केंद्र सरकार से मनरेगा योजना के श्रम बजट में 12.28 करोड़ मानव दिवस का इजाफा करने की मांग की है। ग्रामीण विकास विभाग ने इस संबंध में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा है। मनरेगा योजना में इस वर्ष के लक्ष्य का 50 प्रतिशत से अधिक काम कर लेने की वजह से राज्य सरकार ने यह मांग की। अगर केंद्र सरकार बिहार के प्रस्ताव को स्वीकार कर लेती है तो इस वर्ष राज्य को मौजूदा श्रम बजट के अलावा 2382 करोड़ रुपए अतिरिक्त मिल जाएंगे।
वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए बिहार सरकार ने 24 करोड़ श्रम बजट का प्रस्ताव भेजा था। लेकिन, केंद्र ने 18 करोड़ मानव दिवस का श्रम बजट मंजूर किया। अब राज्य सरकार ने श्रम बजट को बढ़ाकर 30.28 करोड़ मानव दिवस करने का प्रस्ताव दिया है। बिहार में मनरेगा श्रमिकों को प्रतिदिन 194 रुपए दिए जाते हैं। इस तरह मौजूदा बजट के हिसाब से बिहार को 3492 करोड़ रुपए श्रमिकों के भुगतान के लिए आवंटित हैं।
जुलाई तक 7.90 करोड़ मानव दिवस सृजन के लक्ष्य की तुलना में बिहार में 9.56 करोड़ मानव दिवस सृजित हुआ है। इस लिहाज से अबतक 1855 करोड़ से अधिक की मजदूरी का भुगतान किया जा चुका है।
इस वर्ष 10.25 लाख परिवारों को नए जाॅब-कार्ड देकर 13.13 लाख मजदूरों को मनरेगा योजना से जोड़ा गया। राज्य में अब 76.15 लाख सक्रिय जाॅब कार्डधारी हैं।
उम्मीद है केंद्र श्रम बजट बढ़ा देगा : श्रवण कुमार
मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि जुलाई तक लाॅकडाउन के बावजूद 1.66 करोड़ अधिक मानव दिवस का सृजन किया गया है। हमें उम्मीद है कि केंद्र सरकार राज्य की मांग पर विचार करते हुए श्रम बजट में बढ़ोतरी कर देगी। वित्तीय वर्ष 2019-20 में भी राज्य के श्रम बजट को 14 करोड़ मानव दिवस से बढ़ाकर 16 करोड़ किया गया था।
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