बिहार पुलिस की ओर से सुप्रीम काेर्ट में दायर हलफनामे मेें कहा गया है कि उनकी एक टीम जांच के लिए मुंबई भी गई थी। मुंबई पुलिस ने बिहार पुलिस को जांच में कोई सहयोग नहीं किया। मुंबई पुलिस ने उन्हें सुशांत की पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल जांच रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज, इनक्वेस्ट रिपोर्ट व अन्य दस्तावेज नहीं मुहैया कराए। इतना ही नहीं बिहार पुलिस के एक आईपीएस अधिकारी विनय तिवारी को जबरन क्वारेंटाइन कर अवैध रूप से हाउस अरेस्ट कर दिया। मुंबई पुलिस ने जो केस दर्ज किया है, वो केवल सुशांत की मौत का है।
मगर बिहार पुलिस सुशांत के साथ हुई धोखाधड़ी व उसे की जा रही ब्लैकमेलिंग की जांच कर रही है। इसलिए दोनों मामले अलग हैं। ऐसे में मुंबई पुलिस द्वारा सहयोग न करना गलत है। हलफनामे में कहा गया है कि सुशांत के परिजनों के मुताबिक रिया के साथ एक डॉक्टर भी साजिश में शामिल था। उन्हें जांच में पता चला है कि सुशांत के कोटक महिंद्रा बैंक के खाते में 17 करोड़ रुपये थे, जिन्हें रिया चक्रवर्ती से जुड़े लोगों के खातों में ट्रांसफर किया गया है। यह पैसा किन लोगों के खातों में ट्रांसफर किया, इसकी जांच की जा रही है।
मुंबई पुलिस न्याय करती तो यहां केस दर्ज क्यों कराते सुशांत के पिता
मुंबई में सिटी एसपी विनय तिवारी को क्वारेंटाइन से मुक्त नहीं करने पर डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय द्वारा मामले को कोर्ट में ले जाने की बात और एडीजी मुख्यालय जितेंद्र कुमार के लेटर भेजने के बाद बीएमसी ने पैंतरा बदल दिया। बीएमसी ने शुक्रवार की सुबह ही सिटी एसपी को मैसेज भेजा कि वे क्वारेंटाइन से मुक्त कर दिए गए हैं। सिटी एसपी शाम पांच बजे मुंबई एयरपोर्ट पहुंचे और वहां से इंडिगो की फ्लाइट से हैदराबाद पहुंचने के बाद शुक्रवार की रात करीब पौने 12 बजे पटना पहुंचे। उन्हें रिसीव करने डीजीपी भी एयरपोर्ट पहुंचे थे।
सिटी एसपी ने कहा कि सुशांत के पिता के साथ मुंबई पुलिस ने न्याय नहीं किया। अगर न्याय किया होता तो वे पटना में केस दर्ज नहीं करते। दैनिक भास्कर से उन्होंने कहा कि मुंबई पुलिस आखिर इसमें क्या छिपाना चाहती है। कहा- मैं तो ड्यूटी पर हूं। अपने को क्वारेंटाइन में नहीं मानता। जांच में बाधा पहुंचाने के लिए यह सब किया गया।
मेरे पुलिस अफसरों को जांच करने नहीं दिया गया। एक भी डॉक्यूमेंट नहीं दिया। जब मुंबई पुलिस से मेरे 4 अधिकारियों को मदद नहीं मिली तो मुझे यहां भेजा गया। जांच सीबीआई को दे दी गई है। जो छिपाया जा रहा है उससे पर्दा उठेगा। पटना पुलिस भी सारे राज खोल देती पर मुंबई पुलिस ने बाधा डालना शुरू कर दिया, यहां तक मुझे जांच नहीं करने दिया। पूछताछ करने के लिए कइयों की सूची तैयार थी।
वकील का सवाल: बहन के आने के 15 मिनट पहले क्यों उतार दी थी बॉडी
सुशांत के पिता के वकील विकास सिंह ने कहा कि सुशांत की माैत की सूचना मिलने के बाद उनकी बहन उनके फ्लैट पहुंच रही थीं। 15 मिनट में वह वहां पहुंच जाती पर सिद्धार्थ पठानी व अन्य लाेगाें ने उनका बाॅडी क्याें उतार दिया? एक चैनल से बातचीत में विकास ने कहा कि रिया का जाे काॅल डिटेल सामने आया है, वह कई तरह के शक पैदा करते हैं। रिया जब 8 जून काे घर छाेड़कर गई ताे उसने सुशांत के माेबाइल नंबर काे क्याें ब्लाॅक कर दिया? उसने उनके परिवार वालाें काे क्याें नहीं सूचना दी कि मैं यहां से जा रही हूं। परिवार वाले इसे आकर देखें।
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