शराब धंधे के मामले में नगर थाना क्षेत्र के इरकी गांव से कुछ दिनों पूर्व गिरफ्तार हुए रामबाबू नामक एक महादलित युवक की औरंगाबाद जिले के दाउदनगर जेल में हुई मौत के बाद रविवार को यहां स्थानीय लोगों का आक्रोश सड़क पर फूट पड़ा। जेल में मौत के बाद आक्रोशित परिजनों एवं स्थानीय लोगों ने पटना-गया एनएच-83 को नगर थाना क्षेत्र के इरकी गांव के पास जाम कर जमकर हंगामा किया।
इस दौरान लोगों ने प्रशासन व सरकार के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। जाम होने की वजह से अति व्यस्त एनएच पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई और लगभग दो घंटे से उपर जाम लगा रहा। इस दौरान उक्त सड़क से गुजरने वाले यात्रियों व वाहन वालों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। दरअसल आक्रोशित लोग उक्त युवक की मौत के लिए प्रशासन को जिम्मेदार ठहरा रहे थे।
मृतक के परिजनों ने तो पुलिस पर पिटाई का आरोप भी लगाया। उन्होंने बताया गत सोलह अक्टूबर को स्थानीय प्रशासन द्वारा इरकी महादलित टोला में छापेमारी की गई थी। उक्त सिलसिले में ही शराब बनाने के आरोप में रामबाबू को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद से ही रामबाबू की तबीयत खराब हो गई थी। तबियत खराब होने के बाद उसे सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
वहां उसका इलाज नहीं कर उसे औरंगाबाद जिले के दाउदनगर जेल भेज दिया गया था। खराब तबियत की वजह से ही शनिवार की रात उसकी मौत हो गई। रामबाबू के परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा पिटाई के बाद सही इलाज न कराने से उसकी मौत हुई है।
माले ने कहा -शराबबंदी के नाम पर गरीबों की जान तक ले रही सरकार
भाकपा -माले के जिला सचिव श्रीनिवास शर्मा व नेता वसी अहमद ने एक बयान जारी कर इरकी निवासी युवक की मौत पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उसकी मौत के लिए पुलिस को जिम्मेदार ठराया। पार्टी नेताअों ने कहा कि युवक की मौत पुलिस पिटाई से हुई है। पार्टी नेताओं ने कहा कि नीतीश सरकार की पुलिस शराबबंदी का ढाेंग कर दलितों व गरीबों को तंग तबाह कर रही है।
शराबबंदी के नाम पर बड़े माफियाओं को खुली छूट दी गई है जबकि गरीबों के टोले में घुसकर महिला-पुरूष,बच्चे -बुढों तक की पिटाई और गिरफ्तारी कर जुल्म ढा रही है। छापेमारी के नाम पर पुलिस गरीबों के घरों से कमाई के पैसे भी लूट कर ले जा रही है।
शराब के नाम पर सरकार लगातार दमनात्मक कार्रवाई कर अपना गरीब -दलित विरोधी चेहरा उजागर कर चुकी है। इस चुनाव आतंक राज का आम लोग खात्मा करके ही दम लेंगे। नेताओं ने युवक की मौत को हत्या बताते हुए उसमें संलिप्त पुलिस- पदाधिकारी पर हत्या का मुकदमा चलाने, 20 लाख रुपये एवं परिजनों को नौकरी की मांग की है।
अधिकारियों ने जांच का भरोसा दिलाया
सड़क जाम की सूचना पाकर सदर अंचल के सीओ संजय कुमार अंबष्ट व टाउन थानेदार रविभूषण पूरे दलबल के साथ मौके पर पहुंचे तो वहां जाम कर रहे लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंचा था। अधिकारियों ने लोगों के गुस्से को भांपते हुए माैके की नजाकत के हिसाब से नरमी दिखाते हुए स्थानीय लोगों व परिजनों को समझाना- बुझाना शुरू किया लेकिन शुरू में लोग कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थे।
लेकिन फिर भी मौके पर रहे अधिकारियों ने धैर्य नहीं खोया। थोड़ी देर होने के बावजूद समझाने का सिलसिला जारी रहा। आखिरकार कुछ स्थानीय समझदार लोगों की मदद से आक्रोशितों को शांत कराया गया तथा परिवार को जरूरी मदद का भरोसा दिलाकर जाम को हटाया गया। आखिरकार लगभग दो घंटे के बाद एनएच पर से जाम हटाया गया।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/35eUFg5

0 Comments
Please do not enter any spam link in the comment box