प्रखण्ड सहित ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही बर्फीली हवाओं ने लोगों के हाड़ कंपा दिए है। प्रखण्ड का अधिकतम तापमान 12 व न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। ठंडी हवा के बीच जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया । सड़कों पर आम दिनों की अपेक्षा लोगो की संख्या कम दिखी, कल शाम होते ही लोग घरों में दुबक गए।
प्रखण्ड सहित ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक रूप से अलाव की व्यवस्था नहीं होने से लोग ठिठुरते दिखे। हालांकि कुछ स्थानों पर लोगों ने अपने तरीके से अलाव जलाकर आग का आनंद लिया। मौसम ने किसानों को भी प्रभावित किया है। फसलों के लिए मौसम अनुकूल नही होने के कारण सब्जी की खेती कर रहे किसानों के चेहरे पर थोड़ी मायूसी दिखी। एकाएक ठंड में काफी इजाफा हो गया है जहां रात में ठंडी हवाओं ने लोगो का जीवन अस्त व्यस्त कर के रख दिया है।
कड़ाके की ठंड का मौसम शुरू होते मौसमी बीमारियों ने भी तेजी से अपना पांव पसारना शुरू कर दिया है।इन बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या धीरे धीरे प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र चौसा में बढ़नी शुरू हो गई है। रोजाना 50से 60 मरीज अपना इलाज कराने चिकित्सकों के यहां पहुंच रहे है।खासकर बुखार सर्दी और खांसी से आम जन बहुत परेशान है।
पछुआ हवा के चलते बढ़ी ठंड ने जहां लोगो के शरीर पर गर्म कपड़े की संख्या बढाने पर विवश कर दिया है।वही सर्दी और खासी ने आम लोगो को काफी पीड़ित कर रखा है।इस ठंड के मौसम में थोड़ी सी भी मनमानी महंगी पड़ रही है।मौसमी बीमारियों से पीडित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चौसा में स्थित ओ पी डी कक्ष में बैठे चिकित्सक डॉ0 योगेंद्र सिंह ने बताया कि रोज मौसमी बीमारी का प्रभाव तीन से चार दिनों तक रह रहा है। ऐसे में लोगो को सर्द हवाओं से बचने कि जरूरत है।इसमें थोड़ी सी मनमानी लोगो को दिक्कत कर सकती है।घर से बाहर निकलने के समय गर्म कपड़े जरूर पहने और खासकर रात के समय घर से निकलने में परहेज करें।
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