पटना में चोरी की घटनाएं लगातार जारी हैं। स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एससीआरबी) द्वारा जारी साल 2019 के आंकड़ा के मुताबिक, बिहार के 38 जिलाें और दो पुलिस जिलाें में चोरी के मामले में पटना पहले पायदान पर है। पटना में एक साल में चोरी की 6806 घटनाएं हुईं। इन घटनाओं में 31.9515 करोड़ रुपए की चोरी हुई।
चोरी की 2569 घटनाओं के साथ मुजफ्फरपुर दूसरे नंबर पर है। जहां से चोरी गई संपत्ति का मूल्य 3.38 करोड़ रुपए आंका गया है। राज्य के अन्य जिलों की तुलना में पटना में सबसे अधिक वाहन चोरी की घटनाएं होती हैं। एससीआरबी के आंकड़ों के अनुसार पटना में विगत साल 4853 वाहन चोरी हुए।
1810 वाहन चोरी के साथ मुजफ्फरपुर दूसरे नंबर पर है। वहीं सबसे कम वाहन चोरी की घटना जमुई जिले में हुई। पटना में साल 2019 में 4853 वाहन की चोरी हुई जिसका मूल्य 34 कराेड़ 54 लाख 15 हजार रुपए है। पुलिस एक साल में महज 221 वाहन बरामद कर सकी।
9 लाख के गैजेट और 6 करोड़ की ज्वेलरी की चोरी
पटना में एक साल में 173 इलेक्ट्रॉनिक गैजेट की चोरी हुई जिसकी कीमत नौ लाख 10 हजार रुपए आंका गया है। जांच के दौरान पुलिस 25 गैजेट बरामद कर सकी जिसका मूल्य एक लाख 25 हजार है। कैश और ज्वेलरी को देखें तो पटना में 3078 घटनाएं हुई हैं। 6 कराेड़ 15 लाख 6 हजार के गहने और कैश की चोरी हुई। मात्र 210 मामलों में पुलिस ने बरामदगी की।
सीवान से जानवर की चोरी अधिक : नालंदा जिले से सबसे अधिक 31 एंटिक की चोरी हुई। साल भर में पुलिस एक भी एंटिक बरामद नहीं कर सकी। वहीं अरवल से 360000 रुपए के 24 एंटिक की चोरी हुई। इनमें से दो मामले में पुलिस बरामदगी भी की। वहीं वैशाली से 880000 रुपए के चार एंटिक की चोरी हुई और कटिहार से 45120 रुपए के दो एंटिक की चोरी हुई। जानवरों की चोरी के मामले में सीवान से सबसे अधिक 96 जानवरों की चोरी हुई। इसकी कीमत 24 लाख आंकी गई है। वहीं भभुआ से 51 जानवरों की चोरी हुई जिसकी कीमत एक लाख 90 हजार आंकी गई है।
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