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सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए चार हत्यारे, एक और शूटर को लगी थी गोली, साथी उठा कर ले गए थे https://ift.tt/3gdXy5E

खगड़िया जदयू के जिला महासचिव व बंदेहरा पंचायत के पूर्व मुखिया राजेश कुमार रमन उर्फ पप्पू भगत की हत्या मामले में इशाकचक पुलिस को तीन अहम सुराग हाथ लगे हैं। जिसके आधार पर भागलपुर पुलिस की तीन टीमें मुंगेर और खगड़िया में छापेमारी व जांच कर रही है। हालांकि अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।

शूटरों के लोकल लिंक को भी खोजा जा रहा है। क्योंकि बाहर के शूटर बिना लोकल लिंक के इतनी बड़ी वारदात को अंजाम नहीं दे सकते हैं। वारदात के बाद भागते हुए हत्यारों की गतिविधि माउंट असीसी स्कूल (जूनियर) वाली गली में लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है।

चार अपराधी उस गली से भागे थे, जिनमें तीन एक ही बाइक पर सवार थे, जबकि एक हाथ में हेलमेट लेकर पैदल दौड़ रहा था। बाइक पर बीच में बैठे शूटर को गोली लगी थी और वह अचेत था। साथी उसे लेकर भाग रहे थे। वह चारी-छिपे इलाज करवा रहा है। फुटेज में चारों अपराधियों का हुलिया स्पष्ट है। पुलिस चारों की तलाश कर रही है।

वारदात के बाद 4 दिसंबर की शाम 5.20 बजे उक्त चारों हत्यारे गली से होकर गुजरे थे। शुक्रवार शाम सवा पांच बजे अपराधियों ने भीखनपुर में आरबीएसएस रोड के थियोसॉफिकल लॉज के पास पुरानी रंजिश में पप्पू भगत की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

पप्पू भगत तिलकामांझी के आनंदगढ़ कॉलोनी में किराए के मकान रहते थे। चार गोली लगने से मौके पर ही पूर्व मुखिया की मौत हो गई थी। जबकि उन्हें मारने आया एक शूटर मुंगेर के जानकीनगर हरदिया गांव का रतन कुमार साह भी अपने साथी की गोली से मारा गया था।

पुलिस की मौजूदगी में हुआ अंतिम संस्कार

खगड़िया जदयू के जिला महासचिव व बंदेहरा पंचायत के पू‌र्व मुखिया राजेश रमण उर्फ पप्पू भगत का अंतिम संस्कार शनिवार को उनके पैतृक गांव में किया गया। छह वर्षीय बड़े बेटे तेजप्रताप कुमार ने मुखाग्नि दी। गांव में सुबह शव पहुंचते ही उनके घर पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। जिलेभर के विभिन्न पंचायतों के जनप्रतिनिधि उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे।

इस मौके पर स्थानीय विधायक डॉ. संजीव कुमार, पूर्व विधायक रामानंद सिंह भी मौजूद थे। शुक्रवार देर रात ही मायागंज अस्पताल भागलपुर में उनका पोस्टमार्टम किया गया। परिजन वहीं से शव को लेकर गांव चले गए। अंतिम संस्कार के दौरान काफी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद थे।

शूटर की लाश लेने आए परिजन, बरारी में किया दाह-संस्कार
मारे गए शूटर रतन कुमार साह की लाश को पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद उसके परिजनों को सौंप दिया। रतन साह के पिता विजय साह व मां पंजाब में रहते हैं। इस कारण चाचा समेत अन्य परिजन मुंगेर से लाश लेने भागलपुर आए थे। परिजनों ने बरारी गंगा घाट में रतन का दाह-संस्कार कर दिया।

उधर, रतन के चाचा टीपू से पुलिस पूछताछ कर रही है। उसने बताया कि कुछ माह पहले ही रतन जेल से निकला था। हत्या के मामले में वह करीब 6 साल तक जेल में रहा था। पहले रतन का साथी कल्लू जेल से निकला था। अब भी रतन के दो साथी मुंगेर जेल में बंद हैं।
ये हैं तीन अहम सुराग, जिसके आधार पर चल रही है जांच
मोबाइल :
मारे गए शूटर रतन साह का मोबाइल उसकी जेब से बरामद हुआ था। घटना के बाद उसके मोबाइल पर लगातार कॉल भी आ रहा था। पुलिस ने फोन करने वाले आदमी से बात भी की और बताया कि रतन मर गया है। शूटर के मोबाइल के सीडीआर से यह पता चल सकता है कि वारदात का तार कहां से जुड़ा हुआ है। किससे उसकी बात हुई है।
फुटेज: इशाकचक पुलिस ने अलग-अलग सीसीटीवी कैमरे की जांच कर भागते हुए हत्यारों का फुटेज जुटाया है। इस फुटेज के आधार पर आसानी से हत्यारों की पहचान की जा सकती है। एक फुटेज में तो हत्यारों का चेहरा बिल्कुल स्पष्ट है। उनकी पहचान के लिए भागलपुर पुलिस ने मुंगेर पुलिस से संपर्क किया है। बहुत संभव है कि शूटर मुंगेर और खगड़िया के हैं।

मारा गए शूटर की पहचान : वारदात में मारे गए शूटर रतन साह की पहचान होने के बाद पुलिस उसके साथियों का पता लगाने जुट गई है। रतन के सर्किल में मुंगेर में कौन-कौन अपराधी थे, उसके बारे में जानकारी जुटा कर उन्हें डिटेन किया जा सकता है। जेल से निकलने के बाद रतन किसके साथ उठता-बैठता था। पूर्व मुखिया की हत्या सुपारी किलिंग है। किसने हत्या की सुपारी दी, इसका भी पता लगाया जा रहा है।



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Four murderers captured in CCTV camera, another shooter was shot, companions were taken away


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