कृषि मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि कृषि अधिकारी कार्यालय में बैठने की बजाय फिल्ड में जाकर किसानों की समस्या का समाधान करें। योजना को जमीन पर सही तरीके लागू कराएं। अधिकारी कागज पर समीक्षा से पहले खुद की समीक्षा कर लें कि किसानों के हित में उन्होंने कितना काम किया। खेती से संबंधित सभी योजनाओं को किसानों का लाभ दिलाएं, ताकि किसानों की आर्थिक स्थिति बेहतर हो।
अधिकारियों के कार्य का मूल्यांकन होगा। वे शुक्रवार को बामेती में कृषि विभाग राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्हाेंने कहा कि बिहार में लागू इस व्यवस्था का अनुकरण देश के अन्य राज्यों में शुरू हो गया है। आंकड़ों के लक्ष्य से ज्यादा जरूरी है कि किसानों को विभिन्न योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ मिले। किसान हमारे लिए भगवान हैं।
मंत्री ने निर्देश दिया कि सभी कृषि पदाधिकारी प्रत्येक बुधवार एवं गुरुवार को क्षेत्र भ्रमण कर किसानों से संपर्क करें। साथ ही सभी क्षेत्रीय कृषि पदाधिकारी प्रत्येक सप्ताह में अपने कार्यालय में एक दिन निर्धारित कर किसानों से अवश्य मिलें और उनकी समस्याओं को सुनें। समस्या का तत्काल समाधान कराएं।
कहा- सहकारिता मंत्री होने के नाते मैंने पैक्स की समस्या सुनकर बकाया राशि का भुगतान करा दिया है। अब किसानों से धान खरीद में पैक्स की बहानेबाजी नहीं चलेगी। बैठक में कृषि सचिव डॉ. सरवण कुमार, विशेष सचिव पूनम, कृषि निदेशक आदेश तितरमारे, विजय कुमार, नंदकिशोर, शैलेंद्र कुमार और डॉ. जितेंद्र प्रसाद सिंह मौजूद थे।
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