एकमा-एनएच 531 पर रसूलपुर चट्टी स्थित हनुमान मंदिर के पास शुक्रवार की अहले सुबह खड़े तीन मजदूरों को तेज रफ्तार अनियंत्रित ट्रक ने रौंद डाला। रौंदने के बाद भागने में सफल रहा। तीनों मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान रसूलपुर के बदरी राय का पुत्र 30 वर्षीय छोटू राय,चड़वां गांव निवासी चन्द्रमा मांझी के पुत्र 36 वर्षीय मुन्ना मांझी व एकमा थाना क्षेत्र के मुकुन्दपुर गांव निवासी मोहन प्रसाद कुर्मी का 35 वर्षीय पुत्र छोटन प्रसाद के रूप में की गयी है। जिनमें दो पलदार व एक पिकअप चालक था जो एक किराना दुकानदार का राशन लोडिंग करने आये थे।
विरोध में लोगों ने एनएच पर शव रख कर की आगजनी व हंगामा
घटना के बाद ट्रक चालक ट्रक लेकर भागने में सफल रहा। विरोध में ग्रामीणों ने सड़क पर शव रखकर आगजनी की जमकर बवाल काटा व प्रदर्शन किया व चैनपुर रसूलपुर पथ समेत एनएच 531 को जाम कर दिया। जिससे आवागमन पुरी तरह अवरूद्ध हो गया। सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
मृतकों के परिजनों की मानें तो किराना दुकानदार शंभु प्रसाद महाराजगंजी तीन बजे सुबह ही अनाज लोडिंग करने के लिए इन मजदूरों को बुलाया था। इसी दौरान छोटन प्रसाद पिकअप का चक्का बदल रहा था और छोटू राय व मुन्ना मांझी वहीं खड़े थे तभी अनियंत्रित ट्रक ने धक्का मार दिया। घटना के बाद शंभु महाराजगंजी दुकान बंदकर फरार बताया जाता है।
घटना की खबर सुनते ही परिवार में मचा चीख पुकार
एक्सीडेंट की खबर सुनते ही परिवार के लोगों में चीख पुकार मच गया। मुन्ना मांझी की पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल था। चीख पुकार के साथ उसके मुंह से एक ही आवाज निकल रहा था कि अब हमनी के का होइ ये रमवा। मुन्ना मांझी को तीन पुत्र और तीन बेटियां है जो अपने परिवार का अकेला कमाने वाला था।
तीन ही लोग थे मौके पर और तीनों मर गए
इस घटना के चश्मदीद गवाह के रुप में कोई भी मौजूद नहीं है। तीन ही लोग वहां पर थे। जिसे ट्रक ने ठोकर मार कर फरार हो गया। मौके पर ही तीनों मजदूरों की मौत हो गई। आस-पास के लोगों को भी कुछ देर बाद पता चल सका।
लोगों ने ये लगाया आरोप
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि समय पर पुलिस-प्रशासन पहुंचकर तड़पते युवकों को अस्पताल पहुंचा कर उनकी जान बचा सकती थी। वहीं प्रदर्शनकारी किराना दुकानदारों पर भी एफसीआई के चोरी का अनाज अहले सुबह लोडिंग कराने का आरोप लगा रहे थे।
पथराव में कई पुलिसकर्मी सहित अन्य लोग भी घायल हो गए
घटनास्थल से महज एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित रसूलपुर थाना पुलिस को मौके पर तीन घंटे देर से पैदल पहुंची और मजबूरन लाठी चटकाने लगी तभी प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। जिससे कई पुलिसकर्मी समेत अन्य लोग भी आंशिक रूप से घायल हो गए। स्थानीय विधायक मनोरंजन सिंह उर्फ धूमल सिंह, राजेश्वर सिंह, विकास जी आदि प्रदर्शनकारियों को समझा रहे थे लेकिन उग्र लोगों ने उनकी एक न सुनी।
मौके पर अधिकारियों ने पहुंचकर कर शांत कराया और पारिवारिक लाभ दिलाया
घटना की सूचना पाकर एसडीपीओ अजय कुमार, बीडीओ डॉ.कुंदन कुमार, सीओ सुशील मिश्रा,पुलिस निरीक्षक मंजू कुमारी सिंह समेत एकमा,दाउदपुर, मांझी थाना पुलिस मौके पर पहुंच स्थिति को नियंत्रित किया और प्रदर्शनकारियों के मांग के अनुरूप सीओ ने आपदा के तहत चार लाख व पारिवारिक लाभ के तहत बीस हजार रुपए मुआवजा की राशि एक महीने के भीतर दिलवाने के आश्वासन पर प्रदर्शनकारी ठंडा हुए। जाम हटा तब जाकर यातायात बहाल हो पाया। इस संबंध में बसपा नेता योगेन्द्र शर्मा ने मृतकों के परिजनों को नौकरी व दस लाख रुपए मुआवजा की राशि देने की मांग की है।
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